जब प्रेम नज़रों में उतरता है — एक कवि की दृष्टि से प्रेम और श्रृंगार | Rajshree
Author: Rajshree | Published: | Category: Poetry & Reflections
प्रेम हमेशा बड़े वादों में नहीं होता। कभी किसी के चेहरे को देखते हुए मन का ठहर जाना, आँखों का मिलना और फिर शर्म से झुक जाना भी प्रेम की पूरी कहानी कह दे...
Topics: Hindi Poetry, Pyaar, Prem, Romance, Love